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Jamabandi Correction Rajasthan : नाम और गलती सुधार कैसे कराएं

सुधार कब जरूरी है

जमाबंदी में कई बार छोटी-बड़ी गलतियां रह जाती हैं, जैसे नाम या पिता के नाम की गलत स्पेलिंग, क्षेत्रफल का गलत छपना, या पुराने रिकॉर्ड को डिजिटल करते समय हुई चूक। बैंक, रजिस्ट्री या किसी सरकारी काम में यह गलती अटका सकती है, इसलिए इसे समय रहते सुधरवाना जरूरी है। सुधार एक आधिकारिक प्रक्रिया है जो राजस्व विभाग करता है, यह रिकॉर्ड सीधे ऑनलाइन खुद नहीं बदला जा सकता।

पहले गलती का प्रकार समझें

आगे बढ़ने से पहले यह समझना जरूरी है कि गलती किस तरह की है, क्योंकि दोनों का रास्ता अलग है।

क्लेरिकल / लिखने की गलती

नाम या पिता के नाम की स्पेलिंग, क्षेत्रफल का गलत छपना, या डिजिटाइजेशन में हुई चूक। ऐसे मामलों में आमतौर पर मौके की जांच के बिना सुधार हो जाता है।

स्वामित्व या विवाद वाली गलती

गलत मालिक दर्ज होना, जमीन का सरकारी/सिवायचक दिखना, या सीमा का विवाद। ये सीधे सुधार से नहीं, बल्कि जांच, नामांतरण आदेश या राजस्व न्यायालय से तय होती हैं।

जरूरी दस्तावेज

आवेदन से पहले यह कागज तैयार रखें। सही दस्तावेज होने पर सुधार जल्दी होता है।

मौजूदा (गलत) जमाबंदी नकल और खसरा/खाता नंबर
सही जानकारी साबित करने वाला दस्तावेज, नाम के लिए आधार, क्षेत्रफल या स्वामित्व के लिए रजिस्ट्री या पुरानी जमाबंदी
आवेदक का पहचान पत्र (आधार)
गलती बताने वाला शपथ पत्र (affidavit), अगर मांगा जाए
चालू मोबाइल नंबर

मौजूदा गलती देखने के लिए पहले जमाबंदी नकल निकाल लें।

सुधार के लिए आवेदन कैसे करें

क्लेरिकल गलती के लिए सुधार का रास्ता इस तरह है।

1

नकल से गलती पहचानें

मौजूदा जमाबंदी नकल से साफ तय करें कि नाम, पिता का नाम या क्षेत्रफल में क्या गलत है।

2

शुद्धि पत्र आवेदन दें

तहसील ऑफिस में शुद्धि पत्र (correction) आवेदन जमा करें, जिसमें गलत और सही जानकारी साफ लिखी हो। बताएं कि यह क्लेरिकल या डिजिटाइजेशन की गलती है।

3

सबूत लगाएं

सही जानकारी साबित करने वाले दस्तावेज आवेदन के साथ लगाएं।

4

पटवारी और तहसीलदार जांच करते हैं

आवेदन पटवारी के पास जाता है, जो जांचकर तहसीलदार के पास भेजते हैं। जरूरत हो तो मौके की जांच होती है, फिर रिकॉर्ड में सुधार किया जाता है।

5

सुधरी नकल लें

सुधार के बाद नई जमाबंदी में सही जानकारी दर्ज हो जाती है, जिसे पोर्टल से दोबारा देखा जा सकता है।

रिकॉर्ड खुद ऑनलाइन नहीं बदला जा सकता। Apna Khata पर रिकॉर्ड की गलती Grievance यानी शिकायत सुविधा से सीधे राजस्व विभाग को रिपोर्ट की जा सकती है। खुद तहसील न जा पाएं तो नजदीकी e-Mitra केंद्र से भी आवेदन जमा होता है। आवेदन संख्या संभालकर रखें और किसी एजेंट को तय शुल्क से ज्यादा पैसे न दें।

प्रक्रिया और समय

सुधार का काम पटवारी और तहसीलदार स्तर पर होता है। क्लेरिकल गलती हो और कोई विवाद न हो, तो सुधार अपेक्षाकृत जल्दी हो जाता है। वहीं स्वामित्व या सीमा से जुड़े मामलों में जांच के कारण ज्यादा समय लगता है। लगने वाला समय केस और जिले पर निर्भर करता है, इसलिए आवेदन संख्या संभालकर बीच-बीच में स्थिति पूछते रहें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या जमाबंदी में नाम खुद ऑनलाइन सुधार सकते हैं?
नहीं, रिकॉर्ड सीधे ऑनलाइन नहीं बदला जा सकता। सुधार एक आधिकारिक प्रक्रिया है। तहसील में शुद्धि पत्र आवेदन देना होता है, या Apna Khata की Grievance सुविधा से गलती रिपोर्ट करनी होती है।
सिर्फ नाम की स्पेलिंग गलत है, क्या करना होगा?
यह आमतौर पर क्लेरिकल गलती है। सही स्पेलिंग वाला आधार और मौजूदा नकल लगाकर तहसील में शुद्धि पत्र आवेदन दें। ऐसे मामलों में अक्सर मौके की जांच के बिना सुधार हो जाता है।
गलती लंबे समय से नहीं सुधर रही, क्या करूं?
आवेदन संख्या लेकर तहसील ऑफिस में स्थिति पूछें और पोर्टल की Grievance सुविधा से भी शिकायत दर्ज करें। ज्यादा देरी होने पर SDO या कलेक्टर स्तर पर संपर्क किया जा सकता है।
रजिस्ट्री सही है पर जमाबंदी में मालिक गलत दिख रहा है?
यह सिर्फ स्पेलिंग जैसी क्लेरिकल गलती नहीं है। ऐसे मामले में नामांतरण या जांच की जरूरत होती है। रजिस्ट्री और पुरानी जमाबंदी के साथ तहसील ऑफिस में संपर्क करें।

अपनी जमाबंदी की गलती जांचें

पहले मौजूदा जमाबंदी नकल देखें और तय करें कि क्या सुधरवाना है, फिर तहसील या पोर्टल की शिकायत सुविधा से आगे बढ़ें।