Namantaran (Mutation) Rajasthan : आवेदन और स्थिति ऑनलाइन
नामांतरण क्या है
नामांतरण, जिसे Mutation या दाखिल-खारिज भी कहते हैं, वह प्रक्रिया है जिसमें सरकारी भूमि रिकॉर्ड में मालिक का नाम बदला या जोड़ा जाता है। जमीन खरीदने, विरासत में मिलने या दान के बाद जमाबंदी अपने आप नहीं बदलती, इसके लिए नामांतरण कराना होता है। Apna Khata पोर्टल पर इसका आवेदन और स्थिति दोनों ऑनलाइन उपलब्ध हैं।
नामांतरण कब कराना होता है
जब भी जमीन का मालिक बदलता है, नामांतरण जरूरी होता है। मुख्य रूप से यह चार स्थितियों में होता है।
विक्रय / रजिस्ट्री
जमीन खरीदने या बेचने पर, रजिस्ट्री (विक्रय पत्र) के आधार पर नए मालिक का नाम चढ़ता है।
विरासत (Inheritance)
मालिक की मृत्यु के बाद जमीन वारिसों के नाम दर्ज कराने के लिए विरासत नामांतरण होता है।
दान / हिबा (Gift)
परिवार में या किसी और को जमीन दान करने पर, दान पत्र के आधार पर नाम बदला जाता है।
वसीयत / बंटवारा
वसीयत या भाइयों के बीच बंटवारे के बाद हिस्से के हिसाब से नाम दर्ज कराना।
जरूरी दस्तावेज
दस्तावेज नामांतरण के कारण पर निर्भर करते हैं। आवेदन से पहले अपने केस के हिसाब से यह कागज तैयार रखें।
खसरा या खाता नंबर याद न हो तो पहले जमाबंदी नकल से निकाल लें।
आवेदन कैसे करें
नामांतरण का आवेदन खुद पोर्टल से ऑनलाइन किया जा सकता है। पूरा प्रोसेस इस तरह है।
पोर्टल खोलें: apnakhata.rajasthan.gov.in
होम पेज पर "नामांतरण के लिए आवेदन" विकल्प चुनें।
आवेदक की जानकारी भरें
नाम, पिता का नाम, पता, जिला और गांव जैसी जानकारी दर्ज करें।
जमीन और कारण चुनें
खाता और खसरा नंबर डालें, और नामांतरण का कारण (विक्रय, विरासत, दान आदि) चुनें।
दस्तावेज अपलोड करें
केस के हिसाब से रजिस्ट्री, मृत्यु प्रमाण पत्र या दान पत्र जैसे जरूरी कागज अपलोड करें।
आवेदन जमा करें और नंबर संभालें
फॉर्म सबमिट करने पर आवेदन नंबर (token) मिलेगा। स्थिति देखने में यही काम आता है, इसे नोट कर लें।
खुद ऑनलाइन न कर पाएं तो? नजदीकी e-Mitra केंद्र से भी नामांतरण का आवेदन हो जाता है। आवेदन सिर्फ आधिकारिक पोर्टल apnakhata.rajasthan.gov.in या अधिकृत e-Mitra से ही करें, और किसी एजेंट को तय शुल्क से ज्यादा पैसे न दें।
आवेदन के बाद क्या होता है
आवेदन जमा होने के बाद वह सीधे मंजूर नहीं होता, बल्कि एक तय प्रक्रिया से गुजरता है।
आवेदन पहले पटवारी के पास जाता है, जो रिकॉर्ड जांचकर उसे तहसीलदार यानी सक्षम अधिकारी के पास मंजूरी के लिए भेजते हैं। मंजूरी के बाद नामांतरण रजिस्टर अपडेट होता है और नई जमाबंदी में बदला हुआ नाम दिखने लगता है। मंजूरी होने पर आमतौर पर रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर SMS भी आता है। लगने वाला समय केस पर निर्भर करता है, दस्तावेज पूरे हों और कोई विवाद न हो तो प्रक्रिया आमतौर पर कुछ हफ्तों में पूरी हो जाती है।
नामांतरण की स्थिति कैसे देखें
आवेदन कहां तक पहुंचा, यह पोर्टल पर दो तरीकों से देखा जा सकता है।
आवेदन नंबर से
होम पेज पर "आवेदन की वर्तमान स्थिति" चुनें, आवेदन नंबर (token) डालें और विस्तृत स्थिति देखें।
जिलेवार सूची से
"नामांतरण की स्थिति" में जिला चुनकर लंबित और स्वीकृत आवेदनों की सूची और अपडेट की तारीख देखें।
स्थिति में आमतौर पर दिखता है कि फाइल पटवारी के पास है, तहसीलदार के पास है, मंजूर हुई या नामंजूर। "Under Process" का मतलब है आवेदन अभी जांच में है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
आवेदन नंबर खो गया, स्थिति कैसे देखें?
नामांतरण में कितना समय लगता है?
क्या नामांतरण के लिए रजिस्ट्री जरूरी है?
आवेदन "Under Process" दिख रहा है, क्या करूं?
नामांतरण की स्थिति देखें
आधिकारिक पोर्टल पर आवेदन करें या आवेदन नंबर से स्थिति जांचें, और जमीन का रिकॉर्ड जमाबंदी नकल से मिलाएं।